दुनिया है एक धर्मशाला -- Dr. Srimati Tara Singh
हे कृष्ण कन्हैया --- प्रो सी बी श्रीवास्तव
अभिलाषा--- Kavi Kulwant Singh
आओ दीप जलाएँ --- Kavi Kulwant Singh
जिंदगी में जीते जी कुछ ऐसा करें ---कवि कमल किशोर शर्मा