विश्व
हिन्दी
साहित्य
सेवा
संस्थान
इलाहाबाद,
उत्तर
प्रदेश
सम्पर्क
स्थल:एल.आई.जी.-९३,नीमसराय
कालोनी,इलाहाबाद
कानाफ़ुसी–९३३५१५५९४९
email :
sahityaseva@rediffmail.com
संस्थान का उद्देश्य
:
२००१ में गठित हिन्दी साहित्य सेवा संस्थान का मुख्य उद्देश्य हिन्दी भाषा का विकास करना है । इसके लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पुस्तकालय, हिंदी विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय की स्थापना कर हिन्दी को प्रमुखता से पढ़ाने की व्यवस्था करवाना, पुस्तकालयों की स्थापना कर आम आदमी तक हिन्दी की किताबों को आसानी से सुलभ करवाना, हिंदी सीखने/पढने/लिखने वालों को
प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तर, राज्य स्तर, राष्ट्र स्तर व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर काव्य, लेख, कहानी प्रतियोगिताओं का आयोजन करना व सम्मानित करना, अहिन्दी भाषी क्षेत्रों के हिन्दी सेवियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित करना । संस्थान हिन्दी के संस्थान के उत्थान के साथ ही साथ सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करना ।
कार्य :- संस्थान ने अत्यल्प समय में ही देश के १७५ साहित्यकारों, २५ पत्रकारों, १० समाज –सेवियों को सम्मानित करने का गौरव हासिल किया है । कुछ निर्धन साहित्यकारों के संग्रह का प्रकाशन कर चुकी है । संस्था ने हिंदी भाषी राज्यों के साथ ही साथ अहिन्दी भाषी राज्यों में भी अपने पाँव पसार दिये हैं । संस्थान द्वारा २००३ से निरन्तर बहुचर्चित साहित्य मेला का आयोजन किया जाता रहा है । इस आयोजन में देश के कोने-कोने से ख्यातिलब्ध साहित्यकार , पत्रकार, सम्पादक भाग लेते हैं । इस मेले में पुस्तक प्रदर्शनी , परिचर्चा, कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता है । पाठकों को देश की हजारों पत्र – पत्रिकाओं को जानने व समझने का सुअवसर प्राप्त होता है । संस्थान द्वारा कुछ उपाधियाँ भी दी जाती हैं -- जैसे विद्या वारिधि, विद्या सागर, विद्या वाचस्पति, साहित्य गौरव, साहित्य रत्न, पत्रकार रत्न, समाज श्री, साहित्य शिरोमणि । प्रत्येक वर्ष ख्यातिलब्ध साहित्यकारों के जन्मदिवस के अवसर पर भी कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं तथा युवा प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए काव्य प्रतियोगिता, कहानी लेखन प्रतियोगिता, निबन्ध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है । सम्पूर्ण भारत के साथ ही जापान, सुरीनाम, जर्मनी व पाकिस्तान में भी अपने सदस्य बनाये हैं ।
अनाथ बच्चों व असहाय वृद्धजनों के लिए स्नेहालय का शिलान्यास कर अस्थाई भवन में बहुत छोटे स्तर पर कार्य शुरु हो चुका है । संस्थान अभी अस्थायी तौर पर तीन जगहों पर पुस्तकालय संचालित कर रहा है , जिसमें हिन्दी साहित्य के साथ ही साथ पाठ्यक्रमों की पुस्तकें भी उपलब्ध हैं । संस्थान के माध्यम से काफ़ी निर्धन छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । साथ ही महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए उन्हें सिलाई, पेन्टिंग, कढ़ाई, गुड़िया, सजावटी सामान , खिलौना, अलग- अलग तरह के बच्चों के कपड़े बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है । प्राकृतिक आपदाओं पर संस्थान द्वारा सहयोग दिया जाता रहा है । शीघ्र ही संस्थान के स्वप्न स्नेहाश्रम को बनाने के लिए प्रयासरत हैं , जो सम्पूर्ण सामाजिक दायित्व का वाहक होगा । सचिव
गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी
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स्थल:एल.आई.जी.-९३,नीमसराय
कालोनी,इलाहाबाद
कानाफ़ुसी–९३३५१५५९४९
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क्रमांक -----
सदस्यता
आवेदन –
पत्र
दो फ़ोटो
सदस्य का नाम --------------------------------------------------------------------- लगायें
पिता का नाम -------------------------------------------- जन्म तिथि --------------------
शैक्षिक योग्यता------------------------------------------------------------------------------
लेखन/पत्रकारिता का अनुभव ---------------------------------------------------------------
मुख्य व्यवसाय ----------------------------------------------------------------------------
कार्यक्षेत्र -----------------------------------------------------------------------------------
स्थायी पता ; ग्राम/ मोहल्ला ---------------------------------------------------------------
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पत्र व्यवहार का पता -----------------------------------------------------------------------
सदस्यता शुल्क का विवरण ----------------------------------------------------------------
अन्य साहित्यिक संगठन जिससे आप जुड़े हुए हों ----------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------------------------------आप हिन्दी की किस प्रकार सेवा करना चाहते हैं ------------------------------------------------------
दिनांक ---------------------- हस्ताक्षर सदस्य ------------------------------------
सदस्यता के नियम
कोई भी व्यक्ति जो हिंदी सेवी हो या हिंदी में अभिरुचि रखता हो, संस्थान की सदस्यता ग्रहण कर सकता है। सदस्यों की तीन श्रेणी निर्धारित की गई है, साधारण सदस्य- ५०/-रुपये मात्र,विशिष्ट सदस्य-100/-मात्र, स्थायी सदस्य- २५०/- रुपये मात्र, आजीवन सदस्य – १५००/-.। साधारण व विशिष्ट सदस्यता पाँच वर्ष के लिए मान्य होगी । विशिष्ट सदस्यों को विश्व स्नेह समाज पत्रिका